एफएमटीएस न्यूज नेटवर्क/पटना बिहार में कुशवाहा समाज के एमात्र क नेता आलोक मेहता ही वह व्यक्ति हैं जो लालू जी आशीर्वाद और तेजस्वी जी विश्वास से कुशवाहा समाज के नए लोगों को 8-10 टिकट दिलवा सकते हैं वरना बीजेपी, जदयू और अन्य किसी भी पार्टी में किसी कोइरी समाज के नेता ही हैसियत एक टिकट दिलवाने की नहीं है |
पुरे बिहार में कोइरी समाज का हर नेता हर दल में अपने टिकट के जुगाड़ में हैं | बीजेपी और जदयू पिछड़ा वर्ग के मेहनती जाति कोइरी को यादवों से लड़ा कर, राजद का विरोध करा कर देश और राज्य की राजनीति से अलग थलग कर दिया है |
एक समय था बिहार के हर कोने के कुशवाहा समाज के नेताओं का पटना और दिल्ली में बोलबाला रहता था, आज सब बिल में छुपे हुए हैं या दरबारी बन बैठे हैं – सम्राट चौधरी , सकुनी चौधरी , उपेंद्र कुशवाहा , नागमणि आदि इत्यादि ।सबकी क्या स्थिति है बताने की भी जरुरत नहीं है | बीजेपी और जदयू अपनी पार्टी के कुशवाहा नेतााओं को ठिकाने लगाने के बाद डरी हुई है उन्हें भय है कि कुशवाहा समाज जग गया और अपने हक़ की बात करने लगा तो बीजेपी और जदयू की खटिया खड़ी हो जाएगी |
इसी डर से राजद में कुशवाहा समाज को उसका हक़ दिलाने की हैसियत रखने वाले आलोक मेहता को डराने , धमकाने और उनकी छवि धूमिल करने की शाजिश नीतीश जी के नेतृव में भाजपा द्वारा रची जा रही है |
आलोक मेहता कोई कच्चा खिलाड़ी नहीं हैं न डरने वाले हैं |
जिस सहकारी बैंक से वह 2016 से ही अलग हो चुके उस गड़े मुर्दे को 9 साल बाद उखाड़ कर पोस्टमार्डम किया जा रहा है ईडी द्वारा ।
आप ही समझिये क्यों किया जा रहा है और परिणाम क्या होने वाला है | ये सारी जानकारी दुर्गेश यादव राजद के महासचिव ने दिया। खैर ये दावा सारे कुशवाहा समाज दे रहे हैं पर वोट में तब्दील तो वही कर सकते हैं जो समाज को देख रहे हैं और समाज को लेकर चल रहे हैं।